राजस्थान पुलिस की ओर से मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। गृह मंत्रालय के निर्देशों पर मानव तस्करी रोकने के लिए 18-19 जुलाई को दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें क्रिमिनल्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और नई रणनीतियों को लेकर गहन मंथन किया जाएगा।
डीजी (सिविल राइट्स) मालिनी अग्रवाल ने बताया- गृह मंत्रालय, महिला सुरक्षा डिवीजन, भारत सरकार के उप सचिव (PR&ATC) की ओर से जारी लेटर 11 मार्च 2024 और 16 जून 2025 के अनुपालन में उठाया गया है। इन लेटर में मानव तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और रणनीतियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया था, जिस पर गहन मंथन आवश्यक था।
इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श करना है। इसमें तस्करी के बदलते स्वरूप, पीड़ितों की पहचान और बचाव, उनके पुनर्वास के तरीके और अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर खास जोर दिया जाएगा।
न्याय दिलाने के लिए प्रभावी समाधानों पर मंथन कर पाएंगे
यह सम्मेलन राज्य भर के पुलिस अधिकारियों और संबंधित हितधारकों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। यहां वे अपने अनुभव साझा कर सकेंगे। चुनौतियों पर चर्चा कर सकेंगे और मानव तस्करी को रोकने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी समाधानों पर मंथन कर पाएंगे। ऐसी उम्मीद है कि इस सम्मेलन से मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में नई रणनीतियां और ठोस कदम सामने आएंगे।
सम्मेलन का आयोजन महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स एवं एएचटी) मालिनी अग्रवाल के नेतृत्व में हो रहा है। उनकी टीम इस महत्वपूर्ण प्रोग्राम को सफल बनाने में पूरी तरह से जुटी हुई है।
