जयपुर नगर निगम हेरिटेज की कार्यवाहक मेयर कुसुम यादव का कार्यकाल सरकार ने पांचवीं बार फिर 2 महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब कुसुम यादव 24 सितंबर तक कार्यवाहक मेयर के पद पर बनीं रहेंगीं। वहीं, कुसुम यादव को हटाने के साथ ही चुनाव कराने और प्रशासक लगाने की मांग को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया है।
दरअसल, नगर निगम में पट्टों में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर मेयर कुसुम यादव की ओएसडी रही हंसा मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद से ही कांग्रेसी पार्षद कुसुम यादव के खिलाफ भी जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं बीजेपी के भी कुछ पार्षद कार्यशैली से नाराज होकर विधायक को और पार्टी पदाधिकारी को शिकायत कर चुके हैं। लेकिन इन सब के बावजूद सरकार ने एक बार फिर कुसुम यादव के कार्यकाल को आगे बढ़ाया है। ऐसे में अब कुसुम यादव 24 सितंबर तक बतौर कार्यवाहक मेयर नगर निगम हेरिटेज के पद पर काबिज रहेगी।
बता दें कि पिछले साल 23 सितंबर 2024 को भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी के चालान पेश करने के बाद मुनेश गुर्जर को सरकार ने पार्षद और मेयर के पद से निलंबित कर दिया था। मुनेश के पति सुशील गुर्जर के साथ दो अन्य व्यक्तियों को पट्टा जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था।
5 बार कुसुम यादव का कार्यकाल आगे बढ़ाया गया
इस केस में एसीबी ने मुनेश गुर्जर को भी आरोपित बनाया था। इसके बाद सरकार ने 24 सितंबर को सरकार ने आदेश जारी करते हुए कुसुम यादव को कार्यवाहक मेयर नियुक्त किया था। उस समय इनका कार्यकाल 60 दिन का था। इसके बाद से ही लगातार सरकार यादव के कार्यकाल को दो-दो महीने के लिए आगे बढ़ा रही है। अब तक कुल 5 बार कुसुम यादव को बतौर कार्यवाहक मेयर नगर निगम हेरिटेज में काम करने का मौका दिया जा चुका है।
