सीकर में नशा तस्कर को पकड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की नाकाबंदी को देख तस्करों ने फॉर्च्यूनर गाड़ी को 500 मीटर तक रिवर्स में दौड़ाया, लेकिन पुलिस ने टक्कर मारकर गाड़ी को रोक लिया। शक से बचने के लिए तस्कर फॉर्च्यूनर जैसी महंगी गाड़ी का इस्तेमाल करते थे।
सदर थाना पुलिस और डीएसटी टीम की इस कार्रवाई में फॉर्च्यूनर से 3.770 किलो अफीम और डेढ़ लाख रुपए नगद बरामद हुए। जब्त की गई अफीम की कीमत करीब 40 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस ने मौके से मनोज कुमार (33) को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी हरी बाठोद फरार होने में सफल रहा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 15 महीने तक विदेश में नौकरी कर चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और फरार साथी की तलाश में जुटी है।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी(नीचे बैठे हुए) और जब्त की गई फॉर्च्यूनर गाड़ी।
सांवली चौकी के सामने की नाकाबंदी सदर थानाधिकारी इंद्राज मरोड़िया ने बताया- बीती रात पुलिस टीम के द्वारा सांवली चौकी के सामने नाकाबंदी की गई। इसी दौरान नाकाबंदी में एक फॉर्च्यूनर गाड़ी आराम से आकर रुकी। इसके बाद ड्राइवर ने गाड़ी को तेज स्पीड में वहां से भगाया। फिर तेजी से गाड़ी को बीकानेर बाईपास की तरफ ले जाने लगा।
इसी दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल ने गाड़ी के फ्रंट ग्लास पर लाठी से वार किया। जिससे कि उसका शीशा टूट गया। यह घटनाक्रम होने के बाद सीकर और आसपास के पुलिस थाना इलाके में नाकाबंदी करवाई गई।
पुलिस को देखकर गाड़ी को रिवर्स में दौड़ाया इंद्राज मरोड़िया ने बताया- तासर से सेवा गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर फॉर्च्यूनर गाड़ी सामने से आती दिखी। ऐसे में फॉर्च्यूनर गाड़ी के ड्राइवर ने पुलिस को देखकर गाड़ी को रिवर्स में दौड़ाना शुरू किया। तस्करों ने गाड़ी को करीब 500 मीटर तक रिवर्स दौड़ाया। पुलिस ने एक गाड़ी से टक्कर मारकर तस्कर की गाड़ी को रोका।
ऐसे में गाड़ी में बैठा हरी बाठोद मौके से फरार हो गया। लेकिन पुलिस ने ड्राइवर मनोज कुमार (33) पुत्र चिमनाराम जाट निवासी गोडिया बड़ा को गिरफ्तार कर लिया। गाड़ी से 3.770 किलो अफीम और डेढ़ लाख रुपए की नगदी मिली। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर पूर्व में भी फतेहपुर में मामले दर्ज हैं। एनडीपीएस एक्ट के ही एक मामले में वह फरार चल रहा था।
अफीम की कीमत करीब 40 लाख रुपए पुलिस के मुताबिक, कोई उन पर शक ना करें इसलिए फॉर्च्यूनर गाड़ी में अफीम की तस्करी करते हैं। जब्त की गई अफीम की कीमत करीब 40 लाख रुपए है। आरोपी की गिरफ्तारी में सदर थाना पुलिस के अलावा डीएसटी टीम के इंचार्ज वीरेंद्र यादव, कॉन्स्टेबल हरीश सहित अन्य की भूमिका रही। पुलिस के मुताबिक यह अब तक सीकर जिले में अफीम जब्ती की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
विदेश से लौटकर शुरू की तस्करी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मनोज कुमार करीब 15 महीने तक विदेश (सऊदी अरब) में नौकरी कर चुका है। कम मजदूरी मिलने के कारण नौकरी छोड़कर वापस इंडिया आ गया। यहां आकर उसने गाड़ियों का सौदा करना शुरू किया और इसी दौरान तस्करी के धंधे में भी शामिल हो गया। 12वीं कक्षा तक पढ़े इस आरोपी के शेखावाटी एरिया में कई अन्य साथी भी हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस फरार साथी की तलाश के साथ-साथ अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
