जयपुर महानगर द्वितीय की कॉमर्शियल कोर्ट-1 ने उदयपुर की लक्ष्य क्लासेज की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश मनु प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के इजराय (एग्जिक्यूशन) प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए।
प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि लक्ष्य क्लासेज ने वादी के रजिस्टर्ड ट्रेड मार्क का गलत तरीके से इस्तेमाल किया है। जबकि दोनों के बीच ट्रेड मार्क के इस्तेमाल को लेकर राजीनामा भी हुआ था। जिसकी कोर्ट ने 16 मई को तस्दीक करके डिक्री भी जारी की थी। लेकिन प्रतिवादी द्वारा उसकी पालना नहीं की गई।
‘लक्ष्य’ ट्रेड मार्क का कर रहा इस्तेमाल वादी के वकील शुभम अरोड़ा ने बताया कि मैसर्स मनु प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनीज एक्ट 1956 के तहत रजिस्टर्ड संस्था है। जो कई सालों से ‘लक्ष्य’ और ‘लक्ष्य ज्ञान अंनत’ ट्रेडमार्क से प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें प्रकाशित कर रही है।
लेकिन प्रतिवादी मैसर्स लक्ष्य क्लासेज और लक्ष्य क्लासेज एडयूटेक प्राइवेट लिमिटेड उदयपुर ने इसी नाम से ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रतियोगी पुस्तकों की बिक्री शुरू कर दी। वादी की ओर से प्रतिवादी को कई बार सचेत करने के बाद दोनों के बीच राजीनामा हुआ कि प्रतिवादी लक्ष्य ट्रेड मार्क का इस्तेमाल नहीं करेगा।
आज भी प्रतिवादी ऑफलाइन और ऑनलाइन लक्ष्य के नाम से किताबें और नोटिस की बिक्री कर रहा है। इस पर कोर्ट ने प्रतिवादी की उदयपुर स्थिति दोनों संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश दिए।
