झालावाड़ में स्कूल के कमरे की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदेश के स्कूलों के जर्जर हालात सामने आ गए हैं।
उदयपुर में वल्लभनगर के सरकारी स्कूल नया राजपुरा में सोमवार को 3 कमरों की छतों का प्लास्टर गिर गया। इस दौरान बच्चे क्लास में पढ़ रहे थे। उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया। तीनों क्लास में 45 बच्चे बैठे थे। इस स्कूल में कुल 77 बच्चे पढ़ते हैं। आज 64 बच्चे आए थे।
गनीमत रही कि किसी स्टूडेंट्स को चोट नहीं आई। हालांकि लोगों ने स्कूल के ताला जड़ दिया। उदयपुर में 2 दिन में 3 सरकारी स्कूलों की दीवार ढहने और प्लास्टर गिरने के मामले सामने आ चुके हैं।
जानकारी के अनुसार- स्कूल रोजाना की तरह आज भी खुला। सुबह बच्चे स्कूल पहुंचे थे और क्लास संचालित हो रही थी। बच्चे क्लास में पढ़ रहे थे। इस दौरान अचानक एक कमरे की छत से प्लास्टर गिरने लगा। क्लास में पढ़ रहे बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। टीचर ने स्टाफ को जानकारी दी।
तब पता चला कि बाकी दो कमरों में भी प्लास्टर गिर रहा है। इस दौरान तीनों कमरों में क्लास चल रही थी। टीचर्स ने तुरंत बच्चों को क्लास से बाहर निकाला।

ग्रामीणों की चेतावनी- स्कूल नहीं खुलने देंगे सूचना पर लोग और बच्चों के पेरेंट्स पहुंचे। पेरेंट्स का कहना है कि स्कूल की हालत ये है कि यहां 4 में से 3 कमरों की छत का प्लास्टर गिर रहा है। जब तक प्रशासन छत की मरम्मत नहीं कराता, तब तक स्कूल बंद रहेगा। हम अपने बच्चों को घर लेकर जा रहे हैं। पढ़ने नहीं भेजेंगे। कल कोई हादसा होगा तो जिम्मेदारी कौन लेगा।

बच्चों के लिए स्कूल में वैकल्पिक व्यवस्था पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी भागीरथ मेघवाल ने बताया- बच्चों के लिए स्कूल में वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। एक रूम सुरक्षित है और परिसर में जहां प्रार्थना होती है, वहां छत के रूप में लोहे की चद्दर लगी है। वहां कक्षा संचालित की जाएगी। घटना के बाद पेरेंट्स को समझाया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें। बाकी मरम्मत का काम जल्द किया जाएगा।

दीवार ढही, ग्रामीणों ने करवाई स्कूल की छुट्टी एक दिन पहले रविवार को भी ऋषभदेव के पंड्यावाड़ा स्कूल में भी प्लास्टर गिरा था। यह भवन पूरी तरह जर्जर है। हादसे की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को स्कूल की छुट्टी करवा दी।
स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई गई, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक की क्लास पंचायत भवन में लगाने का फैसला किया। साथ ही कक्षा 9 से 12वीं तक की क्लास स्कूल में सुरक्षित कमरों में ही लगाने का फैसला हुआ।
वहीं रविवार को ही वल्लभनगर के रूपावली गांव के सरकारी स्कूल की दीवार ढह गई थी। छुट्टी होने से कोई बच्चा नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

